Saturday, June 6, 2009

ऐसा कोई कभी दुबारा न मिल सकेगा ......


ये अन्तर जाल की दुनिया ही अजीब होती है…………एकदम परियो की कहानी जैसी। जहाँ बैठे-बैठे सारी दुनिया की सैर पर निकल जाते है !! ……और पता ही नहीं चलता .........अगर कहे की पुरे के पुरे घुमाक्कड हो जाते है तो ग़लत न होगा......!! हमारे साथ भी कभी ऐसा होगा पता न था ....पर हो ही रहा है । पता नही …..किसीने बड़ी ही प्यारी चीज बनाई ……..ऑरकुट ......जी हा ऑरकुट !!

यहाँ न जाने कितने ही लोग मिलते है......... बातें करते है ........ दोस्ती होती है...... पता नही क्या क्या होता है .......बस ऐसा ही कुछ हुआ हमारे साथ भी। नए नए ऑरकुट पर गए थे और वहां जा कर मिली एक अलग सी दुनिया जहाँ हर कोई फ्लर्ट करने की कोशिश करता ....ऐसा लगता की ऑरकुट कोई मेट्रिमोनिअल साईट हो .......!! पर मेरे साथ बिल्कुल अलग हुआ ।

आप को बताउंगी तो आप सोचेंगे के ये क्या हुआ ............इस अंतरजाल की दुनिया मे मुझे सब से खास चीज मिली जिससे मैं सदा महरूम थी ..........दिल की बात कहती हूँ मेरा कोई भाई नही था……… हमेशा मन मैं एक खलल रहता था की मेरा कोई भाई नही है । कास ! मेरा एक भाई होता जो मेरे साथ खूब खेलता, मुझे बहुत प्यार करता मुझे आइसक्रीम खिलाता................... और हम दुनिया के सब से अच्छे भाई बहन होते ये तो पक्का था .....अगर कोई मुझे बुरी नज़र से देखता तो एक खीच कर चपत लगता और सारे गंदे-गंदे लड़को की छुट्टी कर देता .........

और इस प्यारे से ऑरकुट की वजह से मुझे मेरा भाई मिल गया ........एक बहुत की प्यारा इन्सान है वो…………॥ एक दम सच्चा और अच्छा .......भाई होने की सरे गुण है उसमे। वो एक दम भाई की तरह ही गुस्सा करता है और कभी उसने आइसक्रीम तो नही खिलाई पर मांगी मैंने बहुत बार है और वो भी कहता है जरूर खिलाऊंगा…..!! पता नहीं कितनी पार्टी ड्यू है । वो मुझे इतना प्यार देता है की आइसक्रीम की मिठास कम हो जाए….. मान को बहुत ठंडक मिलती है की मेरा एक भाई है ..........बहुत प्यारा सा …… मेरा भाई ।

मैं खुश थी अब वो खालीपन भर गया जो पहले हुआ करता था …….वो भी कहता था की तुम पहली लड़की हो जिसने मुझे भाई कहा है वरना ऑरकुट पर ऐसा नही होता……..वो बहुत सुलझा सा इंसान है ……. वो कहता था मैं नहीं चाहता की तुम ऑरकुट पर रहो वेशक हम यही मिले है…… पर मेरी बहन ऑरकुट पर अच्छी नहीं लगती .....और मैंने अपना ऑरकुट अकाउंट डीलीट कर दिया ।


एक प्यारी सी भाभी भी चुन ली है उसने मेरे लिये!! और वो एक दूसरे को बहुत प्यार करते है……पर सब जानते है ……. और मैं भी जानती थी की जब मैं घर में बताउंगी तो अंज़ाम अच्छा न होगा…….मेरे और उसकी तरह वो भी ऑरकुट को उतना अच्छा नहीं मानते …।



ऑरकुट डीलीट करने के बाद हम जी मेल पर बात करते या मेसेज भेज देते थे .....एक या दो बार फ़ोन पर भी बात की ……पर हमारे घर वाले कुछ रुढीवादी है वो नही समझ सके मेरे और उसके पवित्र रिश्ते को……… और फिर क्या था हंगामा हो गया। फोन की सीम ले ली गई…..तरह तरह से समझने की कोशिश की गई……. कि दुनिया बहुत खराब होती है और लड़को की फितरत मैं नहीं समझती, उन्हे तो बस कोई मिलना चाहिए बात करने के लिये फिर वो दोस्त बन कर बात करे या बहन बन कर उनके मन में कोई फीलिंग्स नही होती …….. बगैहरा … बगैहरा ।



सारे घर में तूफान आ गया जैसे मैने कोई गुन्हा कर दिया हो……बस एक भाई ही तो पा लिया था जिसकी कमी में हमेशा महसूस करती थी ……. और मजबूर हो कर मुझे उससे बात करना बंद करना पड़ा। मम्मी ने कसम दे कर कहा की अगर तू मुझे प्यार करती है तो उस से बात करने बंद कर दे। मैं उन्हें देखती रह गई कि वो क्या कह रही है फिर क्या था माँ और भाई के बीच कसमकस शुरू हो गई और जन्म देने वाली माँ का प्यार मुझ पर हावी हो गया और मेरा भाई खो गया मुझसे…….

शायद कभी भी दुबारा बात करने का मौका न मिल सके। उसे कभी देखा नही है पर वो हमेशा मेरा भाई रहेगा । क्या हुआ अगर बात न करु…..उसे कभी न मिलु पर मन में जो भावना उस के लिये है वो कभी नही बदल सकती। वो मेरा भाई है और हमेशा रहेगा । चाहे फिर मेरा भाई भले ही ये कह की मैने उसे धोखा दिया है…….. धोखा तो दिया है पर भाई में तेरे बहन हूँ और जब मन से महसूस करोगे तो मेरे मजबूरी भी समझ जैओगे। और एक बात जो मैं अपने भाई से न कह सकी…… आप हमेशा मेरे प्यारे अच्छे वाले भाई रहोगे ……चाहे में बात न करु ……..और में ये जानती हूँ जब मेरा भाई जनेगा तो मुझे माफ नही करेगा इस गलती के लिये …… और करे भी क्यो …….?? उसे अपनी बहन बहुत प्यारी है सब से जयादा और वो ही ऐसे चली गई बिना कुछ कहे…. हां
बिना कुछ कहे तो फिर कैसे माफ़ करेगा ……..

बस अब इतना समझ आता है।
कि ऐसा भाई कभी दुबारा न मिल सकेगा।।


जो खलल मेरे मन में बचपन से है।
वो बुढापे तक साथ न छोडेगा।।


मिल तो जायेगा हमे सब कुछ।
बस तेरे जैसा कोई दूसरा न मिलेगा।।


सब से होंगे झगडे हमारे।
बस एक तू ही हमसे न लडेगा।।


रिश्ते तो बहुत है इस दुनिया में निभाने को।
बस तुमसे ही हमारे कोई रिश्ता न रहेगा।।


चाहत तो बहुत है की तुझ को माना लूं।
पर माँ का कर्ज है वो कैसे चुकेगा।।


लोगो से भारी होगी ये मेरी ज़िन्दगी।
बस एक तू ही मुझ से रूठा हुआ हमेशा दूर रहेगा।।


चाहे कहे कुछ भी कोई ग़म न करूँगी।
तू ता-उम्र बस मेरा भाई ही रहेगा।।

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